जम्मू-कश्मीर में शांति सबसे जरूरी, ओमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, जिम्मेदारों से की अपील

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्लाह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने केंद्रीय सरकार पर हमला करते हुए कहा, “अगर माहौल शांतिपूर्ण नहीं है तो कौन शाम में डे-नाइट मैच खेलने आएगा? शांतिपूर्ण वातावरण की जिम्मेदारी जिम्मेदार लोगों की है। केवल जिम्मेदार लोग ही इसे पूरा कर सकते हैं।”
शांति बनाए रखना हर किसी की जिम्मेदारी
श्रीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्लाह ने कहा कि वर्तमान में राज्य में शांति बनाए रखना उनकी सरकार की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी नहीं है, हालांकि, असल में उनकी सरकार हर चीज़ की जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि “अगर राज्य में शांति नहीं है तो शांति सुनिश्चित होनी चाहिए। शांति ही प्रगति, पर्यटन और खेलों की नींव है और यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उनका मानना है कि शांति ही विकास और खेल-कूद को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है।

आतंकवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि आतंकवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। कुछ गतिविधियाँ जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक और केरल के कुछ क्षेत्रों में अब भी जारी हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार इन गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए काम कर रही है और इन्हें कुछ हद तक नियंत्रित किया जा चुका है।
आतंकवाद गंभीर खतरा है
उपराज्यपाल ने कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि जहां भी आतंकवाद है, वहां गंभीर खतरे की संभावना होती है। आतंकवाद को पूरी तरह से पुलिस या सुरक्षा बल समाप्त नहीं कर सकते। इसके लिए समाज के हर सदस्य को आगे आना होगा और जिम्मेदार लोगों के साथ मिलकर आतंकवाद से लड़ना होगा।” उनका मानना है कि केवल सुरक्षा बलों पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता और समाज की भागीदारी भी जरूरी है।
शांति के बिना विकास असंभव
ओमर अब्दुल्लाह ने यह भी कहा कि शांति ही जम्मू और कश्मीर में पर्यटन, खेल और आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने की नींव है। उन्होंने सभी जिम्मेदार लोगों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का पालन करें और राज्य में शांति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा ही किसी भी क्षेत्र के विकास और लोगों की खुशहाली की आधारशिला हैं।